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Tuesday, January 12

समारोह : श्रीनारायण शर्मा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में हुआ राष्ट्रीय युवा दिवस सह सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन

समारोह : श्रीनारायण शर्मा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में हुआ राष्ट्रीय युवा दिवस सह सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन

हिंदुस्तान मीडिया/मोतिहारी/बिहार

पूर्वी चंंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी स्थित श्रीनारायण शर्मा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम सह सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया। आयोजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व कोविड के नियमों का अक्षरशः पालन कॉलेज प्रबंधन ने किया। कार्यक्रम से पूर्व सत्र 2019-21 के प्रशिक्षकों द्वारा नवागंतुक प्रशिक्षुओं का स्वागत सानिटाइजर, मास्क व कलम देकर किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डाॅ. वी.के. गुप्ता ,प्रशासक आर.एस.त्रिपाठी के साथ प्राध्यापकों व सहायक प्राध्यापकों ने दीप प्रज्ज्वलन करते हुए किया। वही उद्घाटन भाषण देते हुए प्राचार्य डाॅ. विजय कुमार गुप्ता ने अभिभावकों के प्रति  कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि  आप दो वर्षों के लिए अपने बच्चों को प्रशिक्षु के रुप में हमें सौपें,हम उन्हें एक आदर्श व सफल शिक्षक बनाकर वापस करेंगे। 

 बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे स्वामी विवेकानंद : प्राचार्य

स्वामी विवेकानन्द के जीवन से सीखने की सलाह देते हुए प्राचार्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और उनके शब्द ज्ञान और जीवन के व्यावहारिक पाठों से इतने समृद्ध थे कि प्रसिद्ध विद्वान और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था ‘यदि आप भारत को जानना चाहते हैं, तो विवेकानंद का अध्ययन करें। उनमें, सब कुछ सकारात्मक है और कुछ भी नकारात्मक नहीं है।' बहुमुखी प्रतिभा के धनी स्वामी विवेकानंद अपनी मुखर आवाज के लिए जाने जाते थे। आज से 127 सल पहले 11 सितंबर 1893 के दिन स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में ऐसा भाषण दिया था कि वहां क्म्यूनिटी हॉल कई मिनटों तक गूंजता रहा था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत 'मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनों' कहकर की थी। 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में दिया उनका भाषण आज भी किसी भारतीय के द्वारा दिए गए सबसे प्रभावी भाषणों में माना जाता है। अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद ने सांप्रदायिकता, धार्मिक कट्टरता और हिंसा का जिस तरह से उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि अगर यह बुराइयां न होतीं तो अच्छाइयों की कद्र भी ना होती। 

सरस्वती वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

सरस्वती वन्दना व स्वागत गान सत्र 2019-21 के छात्राध्यापिकाओं ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आगे सत्रानुभव, शिक्षक परिचय के साथ-साथ स्वामी विवेकानन्द के जीवन पर आधारित भाषण, गीत संगीत, कविता, सांस्कृतिक नृत्य इत्यादि की प्रस्तुति प्रशिक्षुओं के द्वारा की ग‌‌ई। कार्यक्रम का संचालन बीएड 2019-21 के छात्राध्यापक मुकेश कुमार व प्रियंका कुमारी ने किया। वही प्रोग्राम हाॅल में सत्र 2020-22 के नवागंतुक प्रशिक्षुओं के साथ-साथ अध्ययनरत प्रशिक्षुओं की मौजूदगी भी कोविड नियमों के अनुसार रही। मौके पर प्राध्यापकों व सहायक प्राध्यापकों में एस.के.तिवारी, डाॅ. फिरोज खान, आर.के.दूबे, अमन कुमार चौधरी, के.के.सिंह, डी.के.पांडेय, वी.एन.पांडेय,अजय कुमार,एम.मनोहर एवं शम्मा परवीन इत्यादि उपस्थित थे।

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