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Saturday, June 27

बिहार : यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में तीसरे मोर्चे की कवायद शुरु

पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में नीतीश विरोधियों का हुआ जमावड़ा, तीसरे मोर्चे की कवायद शुरु

हिंदुस्तान मीडिया/पटना/बिहार

कभी केन्द्र की एनडीए सरकार में मंत्री रहे भाजपा के पूर्व कद्दावर नेता यशवंत सिन्हा ने बिहार की एनडीए सरकार और सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरु कर दी है। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सिन्हा द्वारा नीतीश विरोधियों को एकजुट करने की कवायद शुरू किए जाने से बिहार का राजनैतिक पारा भी चढ़ने लगा है। बिहार की राजधानी पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व भाजपा नेता ने आधिकारिक तौर पर आज इसका एलान कर दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने सरकार की सभी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकारी की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी सिर्फ मुनाफाखोरी के लिए की गई है।

लॉकडाउन के दौरान बिहारी होने पर हुई शर्मिंदगी

कोरोना संकट के दौरान बिहारी मजदूरों के हालात पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि अपनी जिंदगी में बिहारी होने की शर्मिंदगी उन्होंने कभी महसूस नहीं की। लेकिन इस बार के लॉकडाउन में उन्हें काफी शर्मिंदगी हुई। उन्होंने कहा कि आजादी के 72 साल बाद भी बिहार के लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। यह हमारे लिए अफसोस जनक है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार की खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस लाने की कोशिश हमलोग शुरू कर रहे हैं। अपना बचा हुआ जीवन अब इसी कार्य में लगाना है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी साथी भी इस काम में लगेंगे। श्री सिन्हा ने कहा कि वे बिहार के विभिन्न पहलुओं पर प्रत्येक सप्ताह मीडिया से बात करेंगे। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मैं थाली नहीं बजाऊंगा।

प्रति वर्ष 40 लाख लोग काम की तलाश में बिहार से कर रहे पलायन

केन्द्र की अटल सरकार में मंत्री रहे पूर्व भाजपा नेता श्री सिन्हा ने कहा कि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स के अनुसार बीते 27 सालों से बिहार आखिरी पायदान पर ही रहा है। हमारा प्रतिव्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का महज एक तिहाई है। उन्होंने कहा कि हर साल 40 लाख लोग काम की तलाश में बाहर चले जाते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य और शिक्षा का भी बुरा हाल है। बिहार के किसानों की मासिक आय एक किसान की 3528 है जबकि उत्तर प्रदेश में 4928 है।बिहार में उद्योग का राष्ट्रीय स्तर पर योगदान मात्र 1.5 प्रतिशत ही है।

वर्तमान सरकार के रहते बेहतर नहीं बन सकता बिहार

श्री सिन्हा ने कहा कि भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सरकार के नाक के नीचे से ट्रेजरी से पैसे गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग बिहार में एक शक्ति पैदा करना चाहते हैं। एक सवाल के जवाब में श्री सिन्हा ने कहा कि ये भविष्य तय करेगा कि हम पहले हैं, दूसरे हैं या तीसरे हैं। हम सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बेहतर बिहार बनाने में नई सरकार की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जबतक वर्तमान सरकार है बिहार को बेहतर बिहार नहीं बनाया जा सकता है।

बीजेपी के वर्चुअल कैंपेनिंग पर कसा तंज

बीजेपी के वर्चुअल कैंपेनिंग पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह बात हमारे समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ये खर्चीली व्यवस्था है और ये चीटिंग के अलावा कुछ नहीं है। इसलिए हमारी पारंपरिक प्रचार व्यवस्था ही बेहतर है। सिन्हा ने कहा कि अगर वर्चुअल वाली व्यवस्था रही तो पूंजी वाले दलों को अपरोक्ष रुप से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से अपील करूंगा वर्चुअल प्रचार को रोक कर पारंपरिक तरीके से प्रचार कराएं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि सहित अन्य नेता रहे मौजूद

आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि, पूर्व केन्द्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, जहानाबाद के पूर्व सांसद प्रो.डॉ.अरुण कुमार, बिहार कैबिनेट में सीएम नीतीश कुमार के सहयोगी रहे नरेंद्र सिंह एवं बिहार सरकार की पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा के अलावें कई अन्य नेता मौजूद थे।

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