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Tuesday, June 16

263.48 करोड़ की लागत से बने गंडक नदी के सत्तरघाट पुल का सीएम नीतीश ने किया उद्घाटन

बिहार में हमने बिछाया पुल एवं सड़क का जाल : नीतीश कुमार

न्यूज डेस्क/पटना/बिहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हमारी सरकार बिहार के विकास को लेकर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमने सूबे में महासेतु से लेकर पुल-पुलिया एवं सड़कों का जाल बिछाया है। इसी का परिणाम है कि आज बिहार के किसी भी कोने से लोग महज पांच घंटे के अंदर राजधानी पटना पहुंच रहे हैं।
 इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  पूर्वी चंपारण एवं गोपालगंज जिले की सीमा पर अवस्थित केसरिया प्रखंड के ढेकहां में गंडक नदी के सत्तरघाट पर नवनिर्मित सड़क पुल का लोकार्पण किया। 263.48 करोड़ की लागत से निर्मित गंडक सेतु का लोकार्पण करते हुए सीएम ने कहा कि हमारी सरकार आवागमन की सुगमता के साथ ही विश्वास का सेतु बनाने का कार्य कर रही है। 

अगली बार मौका मिला तो हर खेत तक पहुंचायेंगे पानी

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि अगर एक बार फिर मौका मिला तो बिहार के हर खेत तक हम पानी पहुचाने का काम करेंगे। सीएम नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से एक बार फिर सेवा का मौका देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गंडक नदी पर साहेबगंज के बंगरा में बन रहे पुल का अगले माह वे मौके पर पहुंच कर उद्घाटन करेंगे। सीएम ने मुख्य सचिव से कहा कि अब यह व्यवस्था किया जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये वे लोगों के बीच जाकर उद्घाटन व शिलान्यास करें।

सड़क मार्ग से केसरिया आकर सत्तरघाट पुल को देखेंगे सीएम

सीएम ने कहा कि वे सड़क मार्ग से केसरिया के सत्तरघाट पुल को देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार में पुलों की संख्या बहुत कम थी। लेकिन आज पुल-पुलिया का जाल बिछा हुआ है।उन्होंने कहा कि हम लोग सिर्फ पुल और सड़क ही नहीं बनाते बल्कि उसकी मरम्मति पर भी ध्यान देते हैं। जिससे कि सड़क एवं पुल लंबे समय तक ठीक रहे।सीएम ने कहा कि 20 अप्रैल 2012 को हमने केसरिया में सत्तरघाट पुल का शिलान्यास किया था और आज उसका उद्घाटन कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि गंगा नदी के पानी को बिहार के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल बोधगया तक पहुंचाने का काम जोरशोर से चल रहा है। 

15 वर्षों के शासन में सड़क निर्माण में नहीं हुआ कोई घोटाला : मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद से लेकर वर्ष 2005 तक गंगा नदी पर मात्र तीन पुल थे। आज 14 पुल बन गए हैं।उन्होंने कहा कि एनडीए के 15 साल के शासन काल में सड़क निर्माण में कोई घोटाला नहीं हुआ है। बिहार में सड़कों का जाल बिछा दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में बिहार के लोगों ने बड़ी समझदारी से काम किया है। 

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : प्रभारी मंत्री

समारोह के दौरान  जिले के प्रभारी मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि इस पुल के बन जाने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इस पुल से दो जिले आज से आपस में जुड़ गये है। उन्होंने कहा कि इस पुल का निर्माण होने से चंपारण और सारण के लोगों में गजब का उत्साह है। इस पुल से छपरा,पटना, आरा एवं बनारस सहित अन्य जगहों पर जाने में लोगों को काफी सहुलियत होगी। 

माननीयों के अलावे ये भी रहे उपस्थित 

नवनिर्मित सत्तरघाट पुल के उद्घाटन के मौके पर बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, गोपालगंज के सांसद आलोक कुमार सुमन, स्थानीय विधायक डॉ.राजेश कुमार, कल्याणपुर के विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह, पीपरा के विधायक श्यामबाबू यादव, बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी, एमएलसी वीरेंद्र नारायण यादव,एमएलसी बब्लू गुप्ता, सतीश कुमार, जदयू नेत्री शालिनी मिश्रा, केसरिया के पूर्व विधायक मो. ओबैदुल्लाह, बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह, पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक,एसपी नवीन चंद्र झा, गोपालगंज के डीएम अरशद अजीज, गोपालगंज के एसपी मनोज तिवारी, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामशरण प्रसाद यादव, मुख्य पार्षद रिंकू पाठक, मुखिया संघ के अध्यक्ष बच्चूलाल यादव, कांग्रेस नेता प्रफुल्ल कुंवर, पैक्स अध्यक्ष जीतेंद्र कुमार सिंह, जदयू के प्रदेश नेता वसील अहमद खां, जिला जदयू के नेता पूर्व मुखिया रामबली राम, जदयू किसान सेल के जिला उपाध्यक्ष दिलीप कुशवाहा, केसरिया की बीडीओ आभा कुमारी एवं पुल निर्माण निगम के अधिकारियों सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

चकिया के डीएसपी ने संभाल रखी थी सुरक्षा की कमान

समारोह स्थल पर चकिया के डीएसपी शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था का कमान संभाल रखा था। मौके पर केसरिया के पुलिस इंस्पेक्टर अनिल कुमार, थानाध्यक्ष विनय कुमार, दारोगा बहादुर राय, दारोगा लालसाहेब प्रसाद एवं दारोगा कन्हैया सिंह दलबल के साथ डटे हुए थे।

1980 - 90 के दशक में सांसद कमला मिश्र मधुकर ने उठाई थी सत्तरघाट पुल के निर्माण की मांग : शालिनी

गंडक नदी के सत्तरघाट पर सड़क पुल का निर्माण कर सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश की सुशासन सरकार ने सराहनीय कार्य किया है। उक्त बातें पूर्व सांसद कमला मिश्र मधुकर की सुपत्री व जदयू नेत्री शालिनी मिश्रा ने पुल उद्घाटन के उपरांत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि  मंगलवार को इस नवनिर्मित सड़क पुल का लोकार्पण होते ही केसरिया सहित पूर्वी चंपारण एवं गोपालगंज जिले के गंडक तटवर्ती लाखों लोगों का बहुप्रतीक्षित सपना साकार हुआ है। इस पुल का निर्माण होने से केसरिया से छपरा, सोनपुर, पटना, आरा और बनारस की दूरी काफी कम हो जाएगी। जदयू नेत्री ने कहा कि मोतिहारी का सांसद रहते उनके पिता स्व. कमला मिश्र मधुकर ने लोकसभा में सत्तरघाट पुल निर्माण का मुद्दा उठाया था। तत्कालीन सांसद के रुप में उन्होंने इस अतिमहत्वाकांक्षी सड़क पुल के निर्माण को लेकर बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्रा एवं लालू प्रसाद यादव से मुलाकात भी की थी। शालिनी मिश्रा ने कहा कि सत्तरघाट पुल का निर्माण कराकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्वी चंपारण और गोपालगंज की जनता के साथ ही पूर्व सांसद कमला मिश्र मधुकर के सपने को साकार किया है। इस अतिमहत्वाकांक्षी सड़क पुल के निर्माण के लिए जदयू नेत्री ने सीएम नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं पुल निर्माण निगम के अधिकारियों को बधाई दी है।

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