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Saturday, May 23

एसटीईटी परीक्षा रद्द करने के विरोध में एबीवीपी ने मनाया काला दिवस


एसटीईटी परीक्षा रद्द करने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण :एबीवीपी

न्यूज डेस्क/सुपौल/बिहार

हाईस्कूल शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) रद्द करने के बिहार बोर्ड के निर्णय को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। एसटीईटी परीक्षा बेवजह रद्द करने के विरोध में एबीवीपी ने अपने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज पूरे बिहार में काला दिवस मनाया। कोरोना संकट को लेकर लागू लॉकडाउन के कारण एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी इकाइयों में ऑनलाइन आंदोलन किया। इसी कड़ी में एबीवीपी सिमराही के कार्यकर्ताओं ने भी अपने-अपने घरों पर रहकर हाथ और सिर में काला पट्टी बांधकर बिहार सरकार के इस निर्णय के खिलाफ शनिवार को काला दिवस मनाया।

अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे सरकार, अन्यथा होगा आंदोलन

आज के आंदोलन की जानकारी देते हुए एबीवीपी सुपौल के जिला सोशल मीडिया संयोजक सह सिमराही के नगर मंत्री अरुण जयसवाल ने कहा कि बिहार बोर्ड का यह निर्णय न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि आत्मघाती भी है। इसको लेकर एबीवीपी ने बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं बिहार बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान संपूर्ण समय काल की वीडियोग्राफी भी करायी गई थी। जिन परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार किया था या फिर देर से केंद्र पर परीक्षार्थियों के पहुंचने की वजह से गेट बंद कर दिए गए थे, उन केंद्रों पर बोर्ड ने फरवरी में पुनः परीक्षा भी ली थी। लेकिन, फरवरी की परीक्षा के बाद कभी भी किसी न्यूज़ पेपर, छात्र संगठन या परीक्षार्थी समूह ने न तो परीक्षा रद्द करने की मांग की और न बहिष्कार किया। फिर बोर्ड ने आंसर शीट जारी कर आपत्ति की तिथियां भी घोषित की।

परीक्षा रद्द के निर्णय से बोर्ड की कार्यशैली पर लगा सवालिया निशान

जिला एसएफएस संयोजक शंकर कुमार एवं जिला कला मंच संयोजक मयंक वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि एसटीईटी परीक्षा के पूरे घटनाक्रम के अध्ययन हेतु अभाविप ने एक आंतरिक अध्ययन दल गठित की थी।  बीएसईबी द्वारा रिजल्ट प्रकाशित होने के समय अचानक परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय से खुद उसकी कार्यशैली पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रही है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधितों से परीक्षा रद्द करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। यदि ऐसा नहीं होता है तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। एबीवीपी के प्रस्तावित आंदोलन की सारी जवाबदेही शिक्षा विभाग एवं बोर्ड की होगी।

आंदोलन में इनकी भी रही भागीदारी

आज के ऑनलाइन आंदोलन में नगर अध्यक्ष अभिषेक कुमार, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य प्रो0 रामकुमार कर्ण, प्रो0 सुरेश चौधरी, नगर सह मंत्री सुमन गुप्ता, अंकित पांडेय, शुभम कुमार, मनीष कुमार, रिकेश झा, मुकेश कुमार, आशीष कुमार आदि कार्यकर्ताओ ने अपने अपने घरों पर रहकर ऑनलाइन आंदोलन में भाग लिया.

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