रोहतास के नोखा में शराब कारोबारी दारोगा को एसपी ने पकड़ा - HINDUSTAN MEDIA

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Friday, March 20

रोहतास के नोखा में शराब कारोबारी दारोगा को एसपी ने पकड़ा

फोटो कैप्सन - रोहतास का नोखा थाना

शराब कारोबारी दारोगा गिरफ्तार, अपने ही थाने के हाजत में हुए बंद

सासाराम/बिहार

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय  का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि बगैर थाना के मिलीभगत से शराब की एक बोतल भी बेची और खरीदी नहीं जा सकती है। डीजीपी के बयान को वास्तविक रुप में धरातल पर उतारने का काम रोहतास जिले के नोखा थाना क्षेत्र में पदस्थापित एक दारोगा जी पिछले कुछ महिने से बखूबी कर रहे थे। नोखा थाना में पदस्थापित दारोगा प्रमोद कुमार पर कारोबारियों के साथ मिलीभगत कर शराब बेचवाने का आरोप लगा है। आरोप यह है कि दारोगा प्रमोद कुमार शराब की खेप लाने और ले जाने में मदद करते थे.

एसपी ने दारोगा को  किया गिरफ्तार

मिल रही जानकारी के मुताबिक 18 मार्च की रात नोखा थाना क्षेत्र के जखनी पुल के रास्ते पर  शराब से भरी एक पिकप को पकड़ा गया। पिकअप से 120 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। आरोप है कि दारोगा प्रमोद कुमार  यादव की मिलीभगत से यह  शराब लाई जा रही थी, लेकिन तब तक यह सूचना जिला मुख्यालय को लग गई तथा उक्त शराब की खेप को पिकअप समेत जब्त कर लिया गया। सूत्रों की अगर माने तो दारोगा प्रमोद कुमार यादव के कारनामों पर पुलिस मुख्यालय की टीम की पहले से ही नज़र थी। सूचना मिलने के बाद जिले के एसपी सत्यवीर सिंह खुद नोखा पहुंचे तथा देर रात तक पूरे मामले की जांच की और पुख्ता सबुत मिलते ही दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया।

राइस मिल से चलता था शराब का धंधा 

नोखा के एक राइस मिल के परिसर में ही दारोगा प्रमोद कुमार यादव ने अपना आवास बना रखा था। शराब का कारोबार यहीं से होता था। ऐसी चर्चा है कि राइस मिल से ही शराब की लोडिंग-अनलोडिंग एवं डिलेवरी भी होती थी। गुरुवार की रात एसपी सतवीर सिंह ने दो घंटे तक पूरे राइस मिल परिसर स्थित दरोगा के निजी आवास की भी जांच की, जहां से कई संदिग्ध वस्तुएं तथा लेनदेन के कागजात मिले हैं।

धड़ल्ले से बिक रही थी शराब

एक दरोगा के शराब कारोबार से जुड़े होने के बावजूद थानाध्यक्ष नरोत्तम कुमार को इसकी जानकारी  नहीं होना उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। हो न हो थानाध्यक्ष की भी इस मामले में भूमिका हो। खैर, यह जांच का विषय है।

विवादों से पुराना रिश्ता है गिरफ्तार दरोगा का


  • शराब मामले में गिरफ्तार दारोगा प्रमोद कुमार यादव इससे पहले तिलौथू थाना में पदस्थापित थे।इस दौरान उक्त दारोगा पर कई लोगों ने शराब के झूठे मुकदमों में फंसा देने का आरोप भी लगाया था। उस मामले में एसपी ने कार्यवाई की थी। उक्त दारोगा को तिलौथू थाना से थानाध्यक्ष पद से हटाकर एसपी ने नोखा थाना में जेएसआई बना दिया था। लेकिन फिर भी वे अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे थे। आखिरकार आज एसपी ने उक्त दारोगा को गिरफ्तार कर उसी थाने के हाजत में बंद कर दिया है जिस थाने में वे पदस्थापित हैं। कभी कैदियों एवं अपराधियों को पुलिसिया रौब दिखाने वाले दारोगा जी आज खुद हाजत की शोभा बढ़ा रहे हैं। अब यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिसके कंधे पर शराबबंदी को सफल बनाने की जवाबदेही है, वही पुलिस अगर खुद शराब कारोबार में लिप्त है तो अब भगवान ही मालिक हैं इस बिहार के।

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