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Thursday, June 6

आखिर किसकी नजर लग गयी है अपने बिहार को

आखिर किसकी नजर लग गयी है अपने बिहार को

  संदर्भ - भागलपुर में रेप के बाद युवती को जिंंदा जलाया जाना और गोपालगंज में महिला को निर्वस्त्र घुमाने की घटना.....


पटना/बिहार :- सूबे बिहार में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। खुद सीएम श्री कुमार अपने भाषणों में  बोलते हैं कि हम बिहार में न्याय के साथ ही कानून का राज चला रहे हैं, जहां समाज के सभी वर्गों का समुचित विकास हो रहा है। वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की माने तो सूबे में डबल इंजन की सरकार तेजी से विकास कर रही है। बिहार में विकास हो भी रहा है। यहां सड़क, पुल, पुलिया, बिजली एवं अस्पताल का तो अपेक्षित विकास हुआ है। बिहार की सरकार ने पंचायती राज में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें पुरुषों के बराबरी में खड़ा करने का काम किया है। शराबबंदी भी बिहार के लोगों के मानसिक विकास में सहायक सिद्ध हुई है। किसी भी राज्य में अमन-चैन एवं शांति लिए विधि-व्यवस्था का मजबूत होना अतिआवश्यक है। लेकिन जब हम बिहार के संदर्भ में विधि-व्यवस्था की बात करते हैं तो यही विषय राज्य सरकार के विपक्ष में चला जाता है।

           बिहार में आए दिन लूट, हत्या, अपहरण, बलात्कार एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के लोगों पर हमले आम बात हो गये हैं। अपराधी की बात कौन करे यहां का राजनेता मीडियाकर्मियों पर हमला करवाता है। सूबे के भागलपुर में आज रेप के बाद युवती को जिंदा जलाये जाने एवं गोपालगंज में खुलेआम महिला को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाने की घटना ने बिहार को शर्मशार किया है। कुछ दिन पहले एसीड अटैक में हुई छात्रा की मौत ने भी बिहार की विधि-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया था। अगर यही स्थिति बनी रही तो यहां कानून नाम का कोई चीज नहीं रह जाएगा और अपराधी दिन दहाड़े आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहेंगे। सूबे की डबल इंजन की सरकार को विधि-व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाने की जरूरत है। अगर समय रहते सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो सीएम नीतीश कुमार के न्याय के साथ विकास और सुशासन की सरकार चलाने की अवधारणा का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।

पत्रकार प्रेस परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी की कलम से:--
धन्यवाद..


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